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Core Web Vitals explained in hindi

Page Speed Insights

इस लेख में हम Page speed insights के आने वाले Core Web vitals पर सरल और सहज चर्चा करेंगे एवं इसके तहत आने वाले मुख्य रूप से तीन Parameters (Largest Contentful Paint (LCP), First Input Delay (FID) एवं Cumulative Layout Shift (CLS)) को समझने का प्रयास करेंगे, तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें। 

core web vitals

| Page Speed Insights लाइटहाउस के द्वारा बनाया गया एक कमाल का Google Tool है, जिसमें Chrome browser के field data का प्रयोग करते हुए उन महत्वपूर्ण factors को हमारे सामने रखा जाता है जिसमें हमारा साइट या तो पिछड़ रहा है या अच्छा कर रहा है।

पिछड़ रहा है तो क्यों पिछड़ रहा है और अच्छा कर रहा है तो क्यों अच्छा कर है सबका जवाब यहाँ विस्तार से दिया जाता है। दरअसल मई 2021 से google ने Core Web Vitals को किसी भी Website के लिए Ranking का मुख्य Factor बना दिया। इसीलिए Page speed insights के तहत आने वाला अन्य Parameters एक तरह से गौण हो गया और Core Web Vitals के तहत आने वाले तीन parameters प्रमुख हो गया। 

ये तीन Parameters है - 

Largest Contentful Paint (LCP), 
First Input Delay (FID) एवं 
Cumulative Layout Shift (CLS)

तो आइये समझते हैं कि इन तीनों का मतलब क्या है। 

| Largest Contentful Paint (LCP)

Largest Contentful Paint

Largest Contentful Paint (LCP) मीट्रिक View Part के भीतर दिखाई देने वाली सबसे बड़ी छवि या टेक्स्ट ब्लॉक के रेंडर समय की रिपोर्ट करता है। यानी कि Page load होते समय Screen पर जितने भी text block या image block आते हैं उसमें से load होने में सबसे ज्यादा जिसे समय लगता है उसे LCP कहा जाता है। 

आप ऊपर वाले तस्वीर में देख सकते हैं कि ऐसे images या text block अगर 2.5 second से कम समय में load हो जाता है तो उसे Good माना जाता है। 2.5 Second से 4 second के बीच में होने पर उसे Improve करने को कहा जाता है और 4 सेकंड से ऊपर होने पर उसे Poor माना जाता है यानी कि इसमें अभी काफी imporvement की जरूरत है। 

| First Input Delay (FID)

First Input Delay (FID

First Input Delay (FID) उस समय को मापता है जब कोई उपयोगकर्ता पहली बार किसी पृष्ठ के साथ Interact करता है। दूसरे शब्दों में कहें तो जब कोई किसी लिंक पर क्लिक करता है, तो Browser उसे Interactive बनाने में कितना समय लिया। उसी को FID कहा जाता है। 

जैसा कि आप ऊपर के तस्वीर में देख सकते हैं अगर FID 100 Millisecond से कम समय लेता है तो उसे Good समझा जाता है यानी कि उसमें अब कुछ करने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर FID 100 ms से 300 ms के बीच में हो तो इसमें improvement की जरूरत है और अगर ये 300 ms से ज्यादा हो तो फिर बहुत ज्यादा Improvement की जरूरत है। 

| Cumulative Layout Shift (CLS)

Cumulative Layout Shift (CLS)

Cumulative Layout Shift (CLS) एक ऐसा अप्रत्याशित Layout Shift है जो Page load होने के दौरान अचानक से कुछ content नीचे की ओर खिसक के कारण होता है।


दूसरे शब्दों में कहें तो, एक लेआउट शिफ्ट तब होता है जब कोई visible element अपनी स्थिति को एक रेंडर फ्रेम से दूसरे में बदलता है। 

लेआउट शिफ्ट एक विस्फोट, जिसे Session window के रूप में जाना जाता है, तब होता है जब प्रत्येक शिफ्ट के बीच 1-सेकंड से कम समय के साथ एक या अधिक individual layout shifts तेजी से एक के बाद एक होते हैं और कुल विंडो अवधि के लिए अधिकतम 5 सेकंड के साथ तेजी से एक के बाद एक होते हैं।

सबसे बड़ा विस्फोट Session window जिसमें उस विंडो के भीतर सभी लेआउट शिफ्टों का अधिकतम संचयी स्कोर (cumulative score) होता है। 

अगर समझ में नहीं आया तो कोई बात नहीं बस इतना समझ लीजिये कि visible page पर जितने भी खिकसने वाली चीज़ें हैं जैसे कि images, Ads आदि, इसका score अगर 0.1 से कम होता है तो ये Good की श्रेणी में आएगा यानी कि signal green दिखाई देगा। लेकिन अगर ये उससे ज्यादा आता है तो समझ लीजिये कि page पर कुछ तो है तो load होने के समय खिसक रहा है। page speed insight खुद भी बता देगा कि क्या खिसक रहा है और उसे कैसे ठीक किया जा सकता है।   

आमतौर पर जितनी भी problem page speed insights दिखाता है उसका solution भी वो बताता है इसीलिए अगर ऐसी कोई problem आती भी है तो उसे बताए गए रास्ते पर चलकर ठीक किया जा सकता है। 

तो इस लेख में बस इतना ही उम्मीद है समझ में आया होगा, PageSpeed Insights

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