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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

इस लेख में हम प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम पर सरल एवं सहज चर्चा करेंगे और इसके विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने का प्रयास करेंगे, तो अच्छी तरह से समझने के लिए इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें; 
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम क्या है?

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (Prime Minister Employment Generation Program), देश एक बेरोजगार युवाओ को स्व-रोजगार, लघु उद्योग या अन्य परियोजना के माध्यम से रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए  केंद्र सरकार द्वारा  शुरू की गयी। 

हालांकि ये इस तरह की पहली योजना नहीं है, इससे पहले भी इस तरह की योजनाएँ आती रही है। यहाँ पर दो योजनाओं का उल्लेख करना जरूरी है जो कि इस योजना से संबंधित है;

(1) ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम (Rural Employment Generation Program)- इसे 1995 में खादी ग्रामोद्योग आयोग द्वारा शुरू किया गया था। इसके माध्यम से 2 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया था।

अगर कोई ग्रामीण युवा स्व-रोजगार शुरु करना चाहते हैं, उसे इस योजना के अंतर्गत अधिकतम 5 लाख रुपये का ऋण, बिना कुछ गिरवी रखे उपलब्ध कराया जाता है।

(2) प्रधानमंत्री रोजगार योजना - इसे 1993 में शुरू किया गया था। इसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के शिक्षित बेरोजगार किसी भी प्रकार का स्व-रोजगार या उद्यम शुरू करने के लिए बिनाअपने किसी चीज़ को बंधक रखे ऋण ले सकते हैं। इसकी खास बात ये है कि ब्याज की दर काफी कम है और इसे आसान किस्तों में 7 वर्षों में चुकाने की व्यवस्था है।

यहाँ पर याद रखने वाली बात ये है कि मात्र ऋण की 15 % राशि या अधिकतम 7500/- रू नकद दिया जाता है। साथ ही लाभार्थी को कुल पूंजी निवेश का 5 % रुपया अपने स्तर से लगाना पड़ता है।

शिक्षित बेरोजगारों को स्वनियोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री योजना भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 1993 से प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत बेरोजगार युवक/यूवातियोँ को बैंकों से ऋण उपलब्ध कराकर स्वनियोजन का अवसर उपलब्ध कराया जा सकता है।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), जिसकी हम इस लेख में बात कर रहें हैं; ऊपर बताए गए दोनों योजनाओं- प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY) और ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम (REGP) को मिलाकर बनाया गया है। इस योजना का उद्घाटन 15 अगस्‍त, 2008 को किया गया। 

यह योजना भी स्व-रोजगार या अपना उद्यम शुरू करने से ही संबंधित है अंतर बस ऋण के रूप में मिलने वाले पैसो का है। इस योजना के तहत बेरोजगार युवकों को रोजगार शुरू करने के लिए 10 लाख रुपए से लेकर 25 लाख रूपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

उम्मीद है अब आप समझ गए होंगे कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम क्या है। आइये अब इसके उद्देश्य की बात करते हैं;

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य, नए स्‍व-रोजगार, किसी परियोजना या लघु उद्यम की स्‍थापना के द्वारा देश के शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना है। 

बड़े पैमाने पर पारम्‍परिक दस्‍तकारों या ग्रामीण और शहरी बेरोजगार युवाओं को साथ लाना और जितना संभव हो सके, उनके लिए उसी स्‍थान पर स्‍वरोजगार का अवसर उपलब्‍ध कराना, और साथ ही युवाओं को निरंतर और सतत रोजगार उपलब्‍ध कराना ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों की तरफ जाने से रोका जा सके.

ध्यान देने योग्य बातें:

विनिर्माण क्षेत्र के तहत परियोजना की अधिकतम स्वीकार्य राशि 25 लाख रुपये है, और व्यवसाय या सेवा क्षेत्र के तहत परियोजना की अधिकतम स्वीकार्य राशि 10 लाख रुपये है। 

कौन इस योजना का लाभ उठा सकता है?

  • 18 वर्ष को पार कर चुका कोई भी व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सकता है। 

  • विनिर्माण क्षेत्र (manufacturing sector) में 10 लाख रुपये से अधिक पूंजी निवेश वाली परियोजना और व्‍यवसाय या सेवा क्षेत्र में 5 लाख रुपये से अधिक पूंजी निवेश वाली परियोजना के लिए शैक्षणिक योग्‍यता (Educational qualification) आठवीं कक्षा पास है। 

  • स्‍वयं सहायता समूह भी इस योजना का लाभ ले सकता है।

  • सोसायटी रजिस्‍ट्रेशन अधिनियम 1860 (Societies Registration Act, 1860) के तहत पंजीकृत कोई भी संस्थान इस योजना का लाभ ले सकता है। 

इस योजना को क्रियान्वित करने वाली एजेंसी

इस योजना को, राष्‍ट्रीय स्‍तर पर एक स्‍वायत्‍त संस्‍था खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), मुम्‍बई द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा। 

राज्‍य स्‍तर पर इस योजना को राज्‍य खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड और ग्रामीण क्षेत्रों में जिला उद्योग केन्‍द्रों के जरिए क्रियान्वित की जाएगी। 

वहीं शहरी क्षेत्रों की बात करें तो शहरों में इस योजना को केवल राज्‍य जिला उद्योग केन्‍द्रों द्वारा ही क्रियान्वित की जाएगी।

कौन-कौन सा उद्योग या परियोजना इस योजना के तहत स्वीकृत नहीं है?

ऐसे ढेरों लघु उद्यम या परियोजनाएं हैं जो प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत स्वीकार योग्य नहीं है; 

(1) मांस से सम्‍बन्धित कोई भी उद्योग या बीड़ी,पान, सिगरेट आदि जैसे नशे के पदार्थ की बिक्री वाला कोई उद्योग स्वीकार योग्य नहीं है। 

(2) फसल उगाने या पौधारोपण से संबंधित व्यवसाय, जैसे कि चाय, कॉफी, रेशम की खेती, फूलों की खेती आदि स्वीकार योग्य नहीं है। 

(3) पशुपालन से संबंधित उद्योग जैसे कि सुअर पालन, मुर्गीपालन आदि स्वीकार योग्य नहीं है। 

 

(4) 20 माइक्रॉन की से कम की मोटाई वाली पॉलीथिन या अन्‍य कोई भी ऐसा सामान जो पर्यावरण प्रदूषण का कारण बने; इसको बढ़ावा देने वाले उद्योग स्वीकार योग्य नहीं है। 

कुल मिलाकर ये था प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की मुख्य बातें; उम्मीद है समझ में आया होगा। 

योजना संबंधी पूर्ण जानकारी के लिए यहाँ संपर्क करें - www.kvic.org.in

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम  के तहत लाभार्थियों की श्रेणी

लाभार्थियों का योगदान (परियोजना की लागत में)

सब्सिडी की दर

(परियोजना की लागत के हिसाब से)

क्षेत्र (परियोजना का स्‍थान)


शहरी

ग्रामीण

सामान्‍य श्रेणी

10%

15%

25%

विशेष श्रेणी (अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्‍य पिछड़ा वर्ग/अल्‍पसंख्‍यक/महिलाएं, पूर्व सैनिक, विकलांग, पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्र आदि समेत।

5%

25%

35%

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

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